उत्तर प्रदेश

राजेश मसाला के चिकन मसाला बैच नंबर 05 की बिक्री पर यूपी में रोक

Kavita2
30 Sept 2026 12:17 PM IST
राजेश मसाला के चिकन मसाला बैच नंबर 05 की बिक्री पर यूपी में रोक
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजेश मसाला ब्रांड के चिकन मसाला के एक बैच की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। महराजगंज में प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूने की प्रयोगशाला जांच में यह उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन यानी FSDA ने बैच नंबर 05 के चिकन मसाला की प्रदेशभर में बिक्री, वितरण और बाजार में उपलब्धता पर प्रतिबंध लगा दिया है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश के अनुसार संबंधित बैच को उत्तर प्रदेश की सीमाओं के भीतर तत्काल प्रभाव से बाजार से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। निर्माता कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह बैच नंबर 05 के तहत बाजार में पहुंच चुके चिकन मसाला को वापस मंगाने यानी रिकॉल की प्रक्रिया तुरंत शुरू करे।

यह कार्रवाई महराजगंज जिले में प्रवर्तन अभियान के दौरान लिए गए नमूने के आधार पर की गई है। जांच के लिए नमूने को अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में उत्पाद को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए पूरे प्रदेश में कार्रवाई का आदेश जारी किया।

FSDA ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध विशेष रूप से बैच नंबर 05 पर लागू किया गया है। इस बैच के उत्पाद की बिक्री, सप्लाई, स्टॉक ट्रांसफर और खुदरा बाजार में उपलब्धता पर रोक रहेगी। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित बैच किसी दुकान, गोदाम, डिस्ट्रीब्यूटर या अन्य बिक्री केंद्र पर उपलब्ध न रहे।

प्रदेश के सभी संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बाजार में मौजूद स्टॉक की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी दुकान या गोदाम में बैच नंबर 05 का चिकन मसाला मिलता है तो उसे बिक्री से हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निर्माता कंपनी को अपने डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के नेटवर्क के जरिए उत्पाद वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके साथ ही बाजार से वापस लिए गए स्टॉक का रिकॉर्ड भी तैयार करना होगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित बैच की कितनी मात्रा बाजार में पहुंची थी और कितनी वापस ली गई।

फूड सेफ्टी से जुड़े नियमों के तहत किसी खाद्य उत्पाद को असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में संबंधित विभाग के पास उसकी बिक्री रोकने, उत्पाद वापस मंगाने और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार होता है। इसी प्रक्रिया के तहत इस मामले में भी तत्काल प्रतिबंध लगाया गया है।

चिकन मसाला जैसे पैकेज्ड मसाले बड़े पैमाने पर घरेलू और व्यावसायिक उपयोग में आते हैं। ऐसे में किसी बैच की गुणवत्ता पर सवाल उठने से उपभोक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा सीधे जुड़ जाता है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच में असुरक्षित पाया गया उत्पाद उपभोक्ताओं तक न पहुंचे।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह खुदरा दुकानों, सुपरमार्केट, थोक बाजारों और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक की जांच करें। बैच नंबर की पुष्टि के बाद संबंधित उत्पाद को तुरंत बिक्री से हटाया जाए।

उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जा सकती है कि यदि उनके पास राजेश मसाला ब्रांड का चिकन मसाला मौजूद है तो पैकेट पर दर्ज बैच नंबर की जांच करें। यदि उत्पाद बैच नंबर 05 का है तो उसका उपयोग न करें और संबंधित विक्रेता या कंपनी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लें।

विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य जोखिम को रोकना है। प्रयोगशाला जांच में उत्पाद किस विशेष मानक पर असुरक्षित पाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी आदेश में उपलब्ध तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर तय होगी। फिलहाल विभाग ने सावधानी के तौर पर पूरे बैच को बाजार से हटाने का निर्देश दिया है।

इस मामले में निर्माता की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। उसे यह बताना होगा कि बैच नंबर 05 का उत्पादन कब किया गया, कितनी मात्रा में उत्पाद तैयार हुआ और किन-किन जिलों या बाजारों में इसकी आपूर्ति की गई। इसी जानकारी के आधार पर रिकॉल अभियान को प्रभावी बनाया जाएगा।

राज्य स्तर पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद अब जिला खाद्य सुरक्षा इकाइयों की भूमिका बढ़ गई है। संबंधित अधिकारी बाजार में मौजूद स्टॉक की पहचान करने के साथ कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रतिबंध केवल आदेश तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर भी लागू हो।

खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए समय-समय पर बाजार से नमूने लिए जाते हैं। इनमें मसाले, दूध, तेल, मिठाई, पैकेज्ड फूड और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। प्रयोगशाला जांच में यदि कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता तो उसकी प्रकृति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में उत्पाद को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाने के कारण विभाग ने तत्काल और व्यापक कार्रवाई का फैसला लिया। इससे पहले बाजार से स्टॉक वापस मंगाने की जिम्मेदारी निर्माता पर डाली गई है।

अब विभाग की नजर इस बात पर रहेगी कि निर्माता कितनी तेजी से रिकॉल प्रक्रिया पूरी करता है और बाजार से प्रतिबंधित बैच हटाया जाता है या नहीं। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेता, डिस्ट्रीब्यूटर या अन्य पक्षों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश में राजेश मसाला ब्रांड के चिकन मसाला के बैच नंबर 05 की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। उपभोक्ताओं की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने संबंधित बैच को बाजार से हटाने और निर्माता को तत्काल रिकॉल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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